Wednesday, August 31, 2011

बॉडीगार्ड:एक प्रेम-कथा


 सलमान खान की फिल्मो में अधिकतर सलमान ही छाए रहते है| उनकी अकड़ू स्टाइल,डायलाग बाजी हर फिल्म की यु.एस.पी. होता है| पर इस फिल्म में सलमान बॉडीगार्ड होते हुए भी अपने नाम की तरह 'लवली' दिखे| कठोर शरीर के पीछे मासूमियत बरकरार रखते दिखे| सलमान की एक्टिंग कुछ-कुछ उनकी पुरानी फिल्म 'बंधन' की तरह थी| वे उसी अंदाज में 'जी मालिक!'  करते दिखे| फिल्म शुरू होकर इंटरवल तक आते-आते  अपने आप को बरकरार रखने के लिए जददों-जेहद करती हुई दिखी| इंटरवल तक की पटकथा कमजोर है,इसके बाद फिल्म पटरी पर लोटती दिखाई देती है| फिल्म के आखरी 20-25 मिनिट आप मिस नहीं करना चाहेंगे| फिल्म की जान उसका आखिरी सस्पेंस है,यदि फिल्म का अंत वो नहीं होता जो हुआ तो फिल्म 'तेरे नाम' जेसी एक त्रासद प्रेम-कथा हो होकती थी| फिल्म में एक्शन सीन के साथ प्रयोग साऊथ की फिल्मो की तरह रजनीकान्तमयी एवं शानदार है| आखरी के एक्शन सीन्स को खत्म करने के लिए डायरेक्टर साहब जल्दी में दिखे| आप कुछ समझ पायें उससे पहले शर्ट लेस सलमान विलन को खुटी पर टांग देते है| फिल्म स्क्रिप्ट के लिए गुन्जायिश साफ़-साफ़ देख सकते है|आदित्य पंचोली अपने रोद्र रूप में जमते है असरानी सरीखे हास्य-अभिनेता का फिल्म में कोई उपयोग नहीं है| महेश माँजरेकर सलमान के साथ वेसे ही 'फ्री' में मिलने लगे है जेसे गोविंदा के साथ कादर खान| करीना कपूर की  खूबसुरती पूरी फिल्म में झलकती रहती है| एक कश्म-कश में डूबी लड़की का रोल बड़ी खूबसुरती से निभा जाती है| फिल्म के रद्दी टाइटल सॉन्ग के बाद 'तेरी मेरी प्रेम कहानी' सॉन्ग हिमेश की लाज रख लेता है| लेकिन इस गीत का श्रेय श्रेया घोषाल और राहत साहब को मिलना लाजमी  है कुल मिला कर इंटरवल तक ये फिल्म स्लो है और कॉमेडी की जगह एक्शन से परी-पूर्ण एक  लव स्टोरी है| खैर...इस फिल्म मे सलमान अपनी पुरानी फिल्मो की तुलना में थोडा अलग दिखे है|