बलात्कारी हो,
क्योंकि माताएँ नहीं करती
बलात्कार,
उन छोटी बच्चियों के साथ,
जिनकी फ्राकों पर बने हो
मून, मछली, मोती, तितली
और ट्विंकल ट्विंकल लिटिल
स्टार |
माताएँ नहीं करती बलात्कार,
चलती बसों में उन लड़कियों
के साथ,
जिनके शरीरों पर छातियों और
जांघों के आलावा,
दो आँखे भी हो, दो पलके भी,
जिनसे झुलते हो सपने रेशम
से चार |
माताएँ नहीं डालती अपनी
कमतरी को छुपाने,
उन नितांत निजी स्थलों में,
लोहे की राडें, किले और
जलती सिगरेटें,
जिनसे होकर दुनियां में आते
है,
तुम्हारे पवित्र ईसा,
मोहम्मद और राम निर्विकार |
माताएँ नहीं करती बलात्कार,
गाँव की उन दलित महिलाओं के
साथ,
जिनके हाथों में होती है
आटे की खुश्बू,
एड़ियों की दरारों में धंसे
सुखे खेत,
ऑखों में काजल सा पसरा सन्नाटा
और आँचल से बहती दूध की धार
|
क्योंकि भारत तुम मर्द हो,
माता नहीं |
