ये दौर है फुल टू
कन्फ्यूज़न का,
ये ठेठ पोलिटिकल
फ्यूज़न का |
कोई सुनाये पापा
दादी की कहानी,
किसी ने छाती छप्पन
इंच की तानी |
कोई ले आये झाड़ू,
मचाये इंट्री फाड़ू,
आठ का जुगाड़ू और
बत्तीस का बिगाड़ू |
जब समझ नी आये कि
क्या है करना,
तो उठाओ टोपी और
बिठा दो धरना |
नहीं चाहिए गाड़ी
नहीं चाहिए बंगला,
नाचना तो जानू बस
टेढ़ा है अंगना |
मेरी हो बन्दूक
आमजन के कंधे,
कोयले की खान में
सफ़ेद टोपी के बन्दे |
जब तुमको भी सताए
फिकर देश महान की,
चले जाना
गर्लफ्रेंड संग पिक्चर सलमान की |