Saturday, March 8, 2014

पोलिटिकल फ्यूज़न...



ये दौर है फुल टू कन्फ्यूज़न का,

ये ठेठ पोलिटिकल फ्यूज़न का |

कोई सुनाये पापा दादी की कहानी,

किसी ने छाती छप्पन इंच की तानी |

कोई ले आये झाड़ू, मचाये इंट्री फाड़ू,

आठ का जुगाड़ू और बत्तीस का बिगाड़ू |

जब समझ नी आये कि क्या है करना,

तो उठाओ टोपी और बिठा दो धरना |

नहीं चाहिए गाड़ी नहीं चाहिए बंगला,

नाचना तो जानू बस टेढ़ा है अंगना |

मेरी हो बन्दूक आमजन के कंधे,

कोयले की खान में सफ़ेद टोपी के बन्दे |

जब तुमको भी सताए फिकर देश महान की,

चले जाना गर्लफ्रेंड संग पिक्चर सलमान की |