झूट कहती हें कुछ लड़किया
की वे शकाहारी हें
हर दिन सुबह
नाश्ते में
एक पागल दिल खाया करती हें
झूट कहते हें कुछ पति
की वे अपनी पत्नियों से
प्यार करते हें
उनकी पत्नियों की
औकात
एक गोल तकिये से ज्यादा नहीं हें
जो पड़े रहते थे बगलों में उन दिनों
जिन दिनों
कुंवारापन
बिस्तर की सिलवटे चूमता था
झूट कहते हें कुछ पागल प्रेमी
के वे सच्चे प्यार की तलाश में हें
सच्चा प्यार तब से बेठा हें कही
कोने में
चार रुपैये की
चूहामार दवाई खा कर
जब से उसे
पछतावा हुआ हें
अपने उस एक रात के प्यार पर
4 comments:
nice one..................gourav
nice....
thanx Gourav
bhai likhe jaa bahot sahi jaa raha h ...........
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