Tuesday, August 24, 2021

तुम्हारे नाखूनों में चिपके हैं तितलियों के पंख

तुम्हारे नाखूनों में चिपके हैं
तितलियों के पंख,

तुम्हारी बाहों में दुबके हैं
खरगोश सारे मुलायम,

तुम्हारी पलकों पर झूलते हैं
चमचमाते जुगनू,

तुम्हारी नाभि में बंधा है 
कस्तूरी वाला हिरण ।

- पंकज देवड़ा

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