उस न्यूज़ चैनल का एंकर जब,
कुत्तों की तरह चाटता था
अपने प्रिय नेताओं के पांव l
तो उसकी जबान पर,
पड़ जाते थे, खुशामद के घाव l
जब वह उन्हीं घावों के साथ
अपनी प्रेमिकाओं को
चूमता था l
तो छूटता था,
उसके मुंह से फव्वाँरा,
जनता के लाल रक्त का l
और ढेर सारा मवाद,
होठों से लुढ़क कर
रिसता था उनकी छातियों पर l
जो उपजा था
उसकी डिबेट्स में
लोकतंत्र के फोड़ो को
मसल दिए जाने से l
- पंकज देवड़ा
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