मेरे भारतवासियों अगर तुम में से अधिकतर लोग गांधी से नफरत करते हो तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि दरअसल देखा जाए तो तुम लोग गांधी को डिजर्व ही नहीं करते हो l
गांधी को प्यार करने के लिए तुम्हें अहिंसक होना होगा, माफी देने वाला होना होगा और यह करना बहुत मुश्किल है l इसके लिए ज़मीर में बहुत ताकत लगती है l तुमसे ना हो पाएगा l
तुम्हारे लिए बहुत आसान है कि अपने धर्म को महान बताकर दूसरे के धर्म को गाली देना, तुम्हारे लिए आसान है अपनी जाति को बढ़ा बताकर, उसके इतिहास पर गर्व करके दूसरी जातियों को पैरों तले रौंद डालना l
तुम्हारे लिए आसान है अपने देश को बड़ा बताकर के दूसरे देश को गाली देना और तुम्हारे लिए उतना ही मुश्किल है किसी की गलती को क्षमा कर देना किसी की असहमति को सम्मान दे देना l
तुम लोग जाओ और जाकर लड़ो मोहर्रम और गणपति विसर्जन में, जाओ और लड़कियों का पीछा करो नवरात्रों में और उनके कपड़ों और शरीरों पर भद्दे कमेंट करो और उनको समझाइश दो कि उनकी चमकती हुई पीठ महान भारतीय संस्कृति की आंखें फोड़ सकती हैं l
जाओ और जाकर टिक टॉक वीडियो बनाओ और वर्चुअली पॉपुलर होने के चक्कर में रियलिटी से भाग जाओ, जाओ और जाकर किसी नेता के तलवे चाटो उसके नाम की माला जपो तबकी जब वो घुन की तरह तुम्हारा भविष्य खाए जा रहा हो l
जाओ और जाकर गाय के नाम पर इंसानों को मार डालो l जाओ और जाकर किसी को जात के नाम पर गाली दो l जाओ और जाकर गोडसे जैसे आतंकवादियों को महिमामंडित करो क्योंकि तुम्हें यही करना है, तुम्हें यही करना सिखाया गया है और तुम्हारा यही करना धर्म और राजनीति के उन ठेकेदारों के लिए फायदेमंद है जो तुम्हारा इस्तेमाल करना चाहते हैं l
तुमसे ना बोला जाएगा सच l तुमसे नहीं पाली जाएगी अहिंसा l तुम लड़ो क्योंकि तुम्हारे पूर्वज लड़ते थे l तुम लड़ो क्योंकि तुम्हारे आस-पास वाले लड़ते हैं l तुम लड़ो क्योंकि तुम्हारा जमीर तुमसे लड़ता है, तुम माफ नहीं कर सकते हो l तुम अहिंसक नहीं बन सकते हो और इसीलिए तुम गांधी को प्यार भी नहीं कर सकते हो l
(गांधी से असहमत हुआ जा सकता है परंतु नफरत नहीं की जा सकती है )
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