प्रिय मम्मीयों और डैडीयो,
मना ली नवरात्रि ? अब अपने बेटों को भी समझा देना कि जिस तरह एक औरत की मूर्ति का सम्मान किया उसी तरह जीती-जागती का भी कर ले l
कभी किसी लड़की से बात करें तो बेशरमो की तरह उनकी छातिया देखने के बदले उनकी आंखों में देखें क्योंकि लड़कियां सिर्फ छातिया नहीं है l इंसान है, जीती -जागती, जो हंसती भी है और रोती भी l
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किसी अनजान लड़की से बात करें और वह यदि इंटरेस्टेड नहीं हो तो कुत्ती-कमीनी जैसी गाली देकर अपनी औकात नहीं दिखा दे क्योंकि वो "लड़की" हो ना हो लेकिन तुम जरूर इस तरह भोक कर अपना कुत्ता होना साबित कर रहे हो l
कभी कोई लड़की थोड़ा ज्यादा हंस बोल ले तो उसका कैरेक्टर सर्टिफिकेट बना कर दोस्तों के बीच जारी मत कर देना क्योंकि जैसे तुम्हारा हंसने बोलने का मन करता है वैसे ही उनका भी करता है l वे भी इंसान हैं l सिर्फ प्यार करने की मशीनें नहीं है l
कभी कोई लड़की नाभि-दर्शना, पीठ-दर्शना या पैर- दर्शना वस्त्र पहन ले तो उसे ताड़-ताड़ कर अनकंफरटेबल मत कर देना या उसे भारतीय संस्कृति का ज्ञान मत पिला देना l कपड़ों की लंबाई संस्कृतियों की महानता को छोटा नहीं कर सकती l
उम्मीद है कि "सुंदर सुशील गुणी बहू" पैदा करने की फैक्ट्री बना हुआ यह समाज अपने लड़कों को भी सिखाएगा की कैसे एक लड़की को सिर्फ मां, बहन, बेटी या देवी के रूप में ही नहीं देखना है बल्कि एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में उसका और उसके विचारों का सम्मान करना है l
#women #equality #respect
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