सफाई कर्मियों को दिवाली के अगले दिन तथाकथित प्रसाद के नाम पर पकवान या पैसे मांगना बंद कर देना चाहिए क्योंकि ये एक गुलाम प्रथा का सिंबल है जिसे उन्होंने सदियों से भोगा हैl
सफाई कर्मी भाइयों और बहनों, आप लोग गुलाम नहीं है और आप जिनसे मांग रहे हो वह आपके मालिक नहीं है l आप ठीक उसी तरह सर्विस प्रोवाइडर हैं जैसे टीचर पढ़ाने की सर्विस देता है और और डॉक्टर इलाज करने की l
दलित संगठनों को चाहिए कि वह अपने लोगों को शिक्षित करें कि उच्च जातियों के लोगों के सामने हाथ ना फैलाएं l आपसे सफाई करवा कर वह लोग आप पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं l
अगर आप लोग सफाई करना बंद कर दो तो उल्टा सुंदर शहर कूड़ा घरों में तब्दील हो जाएंगे और वह लोग अपनी जातिगत श्रेष्ठता के मारे इतने लजाएंगे कि उनके हाथ से झाड़ू भी नहीं उठेगी l
ना तो आप उनसे छोटे हैं और ना ही आपका काम उनसे किसी मायने में छोटा है l बल्कि वह गंदगी करने वाले हैं और आप उस गंदगी को साफ करने वाले हो l
सफाई कर्मी भाइयों और बहनों, आप लोग गुलाम नहीं है और आप जिनसे मांग रहे हो वह आपके मालिक नहीं है l आप ठीक उसी तरह सर्विस प्रोवाइडर हैं जैसे टीचर पढ़ाने की सर्विस देता है और और डॉक्टर इलाज करने की l
दलित संगठनों को चाहिए कि वह अपने लोगों को शिक्षित करें कि उच्च जातियों के लोगों के सामने हाथ ना फैलाएं l आपसे सफाई करवा कर वह लोग आप पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं l
अगर आप लोग सफाई करना बंद कर दो तो उल्टा सुंदर शहर कूड़ा घरों में तब्दील हो जाएंगे और वह लोग अपनी जातिगत श्रेष्ठता के मारे इतने लजाएंगे कि उनके हाथ से झाड़ू भी नहीं उठेगी l
ना तो आप उनसे छोटे हैं और ना ही आपका काम उनसे किसी मायने में छोटा है l बल्कि वह गंदगी करने वाले हैं और आप उस गंदगी को साफ करने वाले हो l
No comments:
Post a Comment