उस कमरे में जब वो लड़की उस लड़के को पिघला देने की हद तक बाहों में भर रही थी तब कुछ लोगों की भीड़ ने अचानक से दरवाजा तोड़ दिया l
उस भीड़ ने कहा कि हमारी महान संस्कृति अनाज के भूसे कि तरह इतनी कमजोर है कि दो शरीरों के मिलन की गर्मी से भभक सकती है l इसलिए उन प्रेमी जोड़ों के शरीरों को टूटना होगा l
तभी उस लड़की ने कहा कि उनके शरीर कोई मंदिर या मस्जिद नहीं है जिनको तोड़े बगैर महान धर्मों या संस्कृतियों की रक्षा हो नहीं सकती है l
भीड़ ने इस बात को अनसुना कर दिया और इसके बाद उन प्रेमियों के रक्त की ऋचाएं दीवारों पर लिख दी गई l
उस भीड़ ने कहा कि हमारी महान संस्कृति अनाज के भूसे कि तरह इतनी कमजोर है कि दो शरीरों के मिलन की गर्मी से भभक सकती है l इसलिए उन प्रेमी जोड़ों के शरीरों को टूटना होगा l
तभी उस लड़की ने कहा कि उनके शरीर कोई मंदिर या मस्जिद नहीं है जिनको तोड़े बगैर महान धर्मों या संस्कृतियों की रक्षा हो नहीं सकती है l
भीड़ ने इस बात को अनसुना कर दिया और इसके बाद उन प्रेमियों के रक्त की ऋचाएं दीवारों पर लिख दी गई l
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